बड़ा बम राम मंदिर में…
श्री माहेश्वरी महिला मंडल, खंडवा द्वारा पुरुषोत्तम मास के अवसर पर 51 ब्राह्मण जोड़ों को भोजन कराया गया। साथ ही वस्त्रदान, अन्नदान, द्रव्य दान ,पादुकादान, दीपदान एवं नौ कन्याओं को भोजन कराया गया।
कार्यक्रम संयोजिका प्रीति राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर विष्णु सहस्त्रनाम, गोपाल सहस्त्रनाम पाठ, संकीर्तन, आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।
ब्राह्मण जोड़ों का स्वागत महिला मंडल अध्यक्ष नीता राठी, सचिव कविता मुंदड़ा, कंचन काकाणी, विद्या राठी एवं संयोजिका सपना काकानी, सुषमा हेड़ा, आरती भदादा सहित माहेश्वरी परिवार की महिला सदस्यों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में प्रिया जांखेटिया, रीना गिलडा,पंकज मुंदड़ा, राजकुमार राठी, कृष्णकांत हेड़ा, विष्णु जेथलिया, अभिषेक कचोलिया, अनिल बाहेती, हर्ष बाहेती, प्रियांश काकानी , अनुज मुंदड़ा ,एवं राजनारायण जी परवाल सहित समाज जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में
पंडित सुमित दाधिच ने बताया कि पुरुषोत्तम मास का बहुत महत्व हैं
भगवान विष्णु की विशेष कृपा इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। इसलिए इसे “पुरुषोत्तम” (सर्वश्रेष्ठ पुरुष – विष्णु) कहा गया है।
पापों का नाश
धार्मिक मान्यता है कि इस मास में किए गए जप, तप, दान और पूजा से पिछले पापों का नाश होता है।
भक्ति और साधना का श्रेष्ठ समय यह महीना भक्ति, ध्यान, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
दान-पुण्य का अधिक फल इस दौरान किया गया दान कई गुना फल देता है—जैसे अन्नदान, वस्त्रदान, और गरीबों की सेवा।
आत्मशुद्धि और भगवान की भक्ति के लिए रखा जाता है।
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा
गीता या भागवत कथा का पाठ व्रत रखना (विशेषकर एकादशी)
गरीबों को दान देना
भजन-कीर्तन और सत्संग करना
कार्यक्रम के अवसर पर पंडित राजू दाधिचने कहा कि
पुरुषोत्तम मास आत्मशुद्धि, भगवान की भक्ति और पुण्य कमाने का एक सुनहरा अवसर है।










